सोनभद्र, जुलाई 18 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि पावर कारपोरेशन प्रबन्धन द्वारा तकनीकी एवं वाणिज्यिक कार्यों के किये गये अव्यावहारिक विभाजन से अनुरक्षण व्यवस्था और राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है। हालात इतने गंभीर है कि अनेक स्थानों पर 11 केवी एवं 33 केवी लाइनों तथा उपकेंद्रों के अनुरक्षण में लगे अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों को भी राजस्व वसूली जैसे गैर-तकनीकी कार्यों में लगाया जा रहा है। आगाह किया कि वर्षा की कमी और भीषण उमस के कारण प्रदेश में बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने की प्रबल संभावना है। ऐसे समय में उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों एवं विद्युत लाइनों का व्यापक और नियमित अनुरक्षण अत्यंत जरूरी है। किंतु कर्मचारियों की भारी कमी तथा उपलब्ध तकनीकी स्टाफ को गैर-तकनीकी कार्यों में लगा...