लखनऊ, अगस्त 21 -- इमरजेंसी में गंभीर मरीज की हालत का सही आकलन अब सिर्फ ब्लड प्रेशर और पल्स से नहीं, बल्कि शरीर में रक्त के प्रवाह की बारीकी से निगरानी कर किया जा सकेगा। हीमोडायनेमिक मॉनिटरिंग तकनीक से डॉक्टर यह पता लगा सकते हैं कि दिल कितनी क्षमता से खून पंप कर रहा है। शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त खून व ऑक्सीजन पहुंच रही है या नहीं। इससे मरीज के इलाज में समय रहते जरूरी बदलाव करना आसान होगा। पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान के मार्गदर्शन में चल रहे ईएमपीएआरवी इंटरनेशनल 2026 के तहत शुक्रवार को हीमोडायनेमिक असेसमेंट कार्यशाला हुई। एईएमई और संस्थान के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने गंभीर मरीजों की आधुनिक निगरानी के तरीके बताए। डॉ. आरके धीमान ने बताया कि क्रिटिकल मरीजों की स्थिति मिनटों में बदल सकती है। ...