दरभंगा, जून 5 -- राजीव रंजन झा,दरभंगा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लनामिवि के स्नातकोत्तर बॉटनी विभाग में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वनस्पतिशास्त्री एवं पूर्व प्रधानाचार्य प्रो. विद्यानाथ झा ने वैश्विक पर्यावरण वार्ताओं से इतर दरभंगा की स्थानीय पारिस्थितिक समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दरभंगा जो कभी तालाबों के शहर के रूप में पहचाना जाता था, वह आज गंभीर जल संकट के मुहाने पर खड़ा है। उन्होंने तालाबों के निरंतर घटते दायरे, अतिक्रमण और प्लास्टिक प्रदूषण को दरभंगा के पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण के कारण न केवल भूमि की उर्वरता समाप्त हो रही है, बल्कि भू-जल का संदूषण भी बढ़ रहा है। यह भी पढ़ें- गंभीर जल संकट के मुहाने पर खड़ा है दरभंगा उन्होंने युवाओं से स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति सजग रह...