नई दिल्ली, मई 26 -- ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि वह चीजों को संभाल-संभाल कर रखते हैं। आपने ज्यादातर लोगों के घरों के किसी कोने में पुराना टूटा हुआ डिब्बा, बरसों पुराना बंद पड़ा रेडियो, खराब लैंडलाइन, टूटा फोन या फटी हुई साड़ियों का ढेर देखा होगा। ये आम चीजें हैं जिन्हें देखकर अक्सर हम सोचते हैं कि जब यह चीजें किसी काम की नहीं है, तो इसे फेंक क्यों नहीं दिया जाता? इस तरह की चीजों को संभालकर रखने के पीछे कई मनोवैज्ञानिक, सांस्कृतिक और व्यावहारिक कारण होते हैं। कई बार लोग अपने बुजुर्गों की खराब हो चुकी घड़ी या चश्मा भी फेंक नहीं पाते क्योंकि वे उसे उनकी निशानी मानते हैं और याद के तौर पर सालों साल संजोकर रखते हैं। वहीं पुराने जमाने में चीजें आसानी से नहीं मिलती थीं। इसलिए, पुरानी पीढ़ी में रिफ्यूज, रियूज, रिसाइकल की आदत कूट-कूट कर भरी होत...