कानपुर, अप्रैल 26 -- कानपुर। गंगा भारत की आत्मा है। गंगा का अस्तित्व केवल जलधारा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सभ्यता, संस्कृति और जीवनशैली का आधार है। यदि गंगा प्रदूषित होती है तो इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। युवा गंगा संरक्षण को अपना व्यक्तिगत दायित्व मानें और इसे जन-जन तक पहुंचाएं। यह बातें मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कही। रविवार को ड्योढ़ी घाट पर आयोजित गंगा की पुकार, युवा संकल्प-2026 कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षाविद गणेश बागड़िया ने कहा कि गंगा संरक्षण के लिए समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी अनिवार्य है। यह भी पढ़ें- नारी शक्ति ने स्वछता आंदोलन को अस्सी घाट पर किया गतिशील उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए...
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