नई दिल्ली, अगस्त 23 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। गंगा संरक्षण से जुड़े नियमों में हालिया बदलाव को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया है कि अगस्त 2026 में जारी अधिसूचना के जरिए गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारों को 'निर्माण-मुक्त क्षेत्र' का प्रावधान हटा दिया गया है। याचिकाकर्ता ने इसे पर्यावरण संरक्षण कानून के खिलाफ बताते हुए अधिसूचना रद्द करने की मांग की है।एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। यह भी पढ़ें- एनजीटी ने गंगा संरक्षण के संशोधित नियमों पर केंद्र से जवाब मांगा मामले की अगली सुनवाई 27 अ...