नई दिल्ली, सितम्बर 14 -- गंगा-यमुना नदी में अब गर्मी के दिनों, खासकर मई-जून में भी जल प्रवाह कम नहीं होगा। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज से कानपुर के बीच गंगा-यमुना नदी के बीच समतल और उपजाऊ जमीन के नीचे दबे हुए पुराने नदी-मार्गों (पेलियोचैनल) का पता चला है। इससे न सिर्फ भूजल का भंडारण बढ़ेगा बल्कि दोनों नदियों में गर्मी के दिनों में प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस खुलासा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पेश रिपोर्ट से हुआ है। एनजीटी प्रमुख न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष एनएमसीजी ने सीएसआईआर-नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट(एनजीआरआई) के सहयोग से गंगा बेसिन में भूजल और सतही जल के आपसी संबंधों को समझने और मजबूत करने, भूजल, उसकी मात्रा मापने और नक्शा तैयार करने क...