नई दिल्ली, अगस्त 5 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) को निर्देश दिया कि गंगा नदी में बिना शोधन का सीवेज छोड़ने वाले शहरी निकायों पर जुर्माना लगाया जाए। यह गंदा पानी कई जगहों पर बरसाती नालों के जरिए सीधे गंगा में जा रहा है। एनजीटी की पीठ बिहार में नदियों के बढ़ते प्रदूषण के मामले की सुनवाई कर रही थी। यह मामला मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज किया गया था, जिसमें कहा गया था कि बिहार में गंगा का पानी नहाने के लिए भी सुरक्षित नहीं है। एनजीटी ने कहा कि वह बिहार के 27 जिलों में गंगा समेत सोन, कोसी और बागमती नदियों में प्रदूषण और फीकल कोलीफॉर्म की अधिक मात्रा के मुद्दे की जांच कर रहा है。 यह भी पढ़ें- गंगा में गंदगी बहाने वाले शहरों पर लगेगा जुर्माना, बिहार सरकार पर एनजीटी सख्...