कानपुर, मई 17 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। नमामि गंगा मिशन के तहत गंगा को शहर के सीवरेज से बचाने में लगी कंपनी कर्ज में डूब गई है। क्योंकि कंपनी को काम के बदले मिलने वाले रुपये तमाम पेंचीदगियों में फंसे हैं। नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने कंपनी को साफ कर दिया कि वह ऋण दे सकती है, लेकिन भुगतान नहीं कर सकती। लिहाजा, परियोजना को पूरा करने के लिए कंपनी ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के कर्जदार से 9.95 करोड़ रुपये ऋण लिया है। कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (केआरएमपीएल) जाजमऊ, पनका, बिनगवां और सजारी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का संचालन कर रही है। परियोजना से गंगा को निर्मल रखा जाना है। परियोजना लगभग 90 प्रतिशत पूर्ण हो गई है। शेष काम पूर्ण करने में बजट आड़े आ रहा है। ऐसे में कंपनी बार-बार एनएमसीजी से बकाया भुगतान की रट ल...