बिजनौर, अगस्त 21 -- गंगा की तेज धारा के आगे करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से एसीबीएम (आर्टिकुलेटिंग कंक्रीट ब्लॉक मैट्रेस) तकनीक से तैयार रावली-बैराज तटबंध खतरा में दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को गंगा ने तटबंध के एक हिस्से में काफी नीचे तक धंसा दिया, जबकि करीब 100 मीटर के हिस्से में गंगा की तेज धारा सीधे तटबंध से टकरा रही है। जिससे कई स्थानों पर दरारें भी आना बताया जा रहा है। तटबंध को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने मौके पर जेसीबी और क्रेन लगाकर बचाव कार्य शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सिंचाई विभाग खंड 5 के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गंगा कटान को रोकने के प्रयास किए। गंगा की धारा को सीधे तटबंध से टकराने से रोकने के लिए सिंचाई विभाग रेत से भरी बोरियां और सीमेंट के पिंजरों का सहारा ले रहा है। इन पिंजरों में पेड़ों की शाखाएं बांधकर पानी के बहाव को मोड़न...