गंगा किनारे प्रवाहित हुई कविता की धारा
वाराणसी, मार्च 11 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की ओर से काव्यार्चन की 52वीं कड़ी का आयोजन मंगलवार को अस्सी घाट पर किया गया। इसमें वाराणसी और हरियाणा के रचनाकारों ने गीतों, गजलों और कविताओं के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। काशी की वरिष्ठ रचनाकार बीना त्रिपाठी की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन की शुरुआत जया टंडन ने काव्यपाठ से की। इसके बाद हरियाणा से आमंत्रित रचनाकार नेम सिंह ने ओजपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को सोचने पर विवश कर दिया। राष्ट्र के लिए कुर्बान होने वाली नारियों से लेकर समाज के लिए समर्पित पुरुषों की व्यथा भी उनकी रचनाओं में मुखर हुई। काव्यार्चन का संचालन कर रहीं प्रो. वत्सला श्रीवास्तव ने भी नारी पर केंद्रित रचना का प्रभावी पाठ किया। अध्यक्षीय काव्यपाठ में बीना त्रिपाठी ने महिलाओं के संघर्षपूर्ण जीवन को भावों के साथ अभिव्यक्त किया। रचन...
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