रुडकी, सितम्बर 16 -- आपदा ने गंगा और सोलानी नदी के किनारे मौसमी सब्जियां उगाने वाले क्षेत्र के डेढ़ हजार परिवारों की कमर तोड़ दी है। इनकी सब्जियों की फसल पानी में बहकर नष्ट हो गई है। मंडी में स्थानीय सब्जी की आवक ना होने से सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। लक्सर और खानपुर के 15 सौ से अधिक भूमिहीन परिवार गंगा और सोनाली नदी के किनारे रेत में सब्जियों की खेती से अपने परिवार की रोजी-रोटी चलाते हैं। हर साल बरसात के दौरान नदियों में पानी आने से उनकी फसल में नुकसान होता है। मगर इस बार की आपदा ने इनका काफी ज्यादा नुकसान कर दिया है। सब्जी उत्पादक शेर सिंह, सुखपाल, विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने खीरा, भिंडी, करेला, मटर, हरी मिर्च, लौकी, बैंगन, टमाटर जैसी मौसमी सब्जियां बोई थी। बैराज से अचानक नदियों में पानी छोड़ दिया गया जो बर्बाद हो गई है।
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