शामली, अगस्त 14 -- 14 जुलाई 2014 दोपहर का वक्त था। किसान पवन और उसका भाई अशोक घर पर थे। तभी अचानक गोलियों की तड़तहाड़ से पूरा गांव सहम गया। विपुल खूनी और उसके साथी बदमाश घर में घुस आए। वह भतीजे आशु कहां है पूछ रहे थे। फायरिंग से बचाव करते हुए परिजनों इधर उधर दुबकर जान बचाने का प्रयास कर रहे थे कि भी बदमाशों पवन पर गोलियों की बौछार कर मौत के घर उतार दिया। पवन के हत्यारोपियों को कोर्ट से फांसी की सजा होने पर वो दशहत का मंजर एक बार फिर से स्मृति पटल पर ताजा हो गया। यह कहना है मृतक पवन के भाई अशोक का। अशोक ने कोर्ट के फैसले की सराहना की है। साथ ही कहा कि उन्हें परिवार को आज न्याय मिला है। यह भी पढ़ें- 12 साल पुराने मर्डर केस में 4 आरोपियों को फांसी की सजा, मुख्य आरोपी एनकाउंटर में हो चुका ढेरपवन हत्याकांड की याद अपने बड़े भाई पवन हत्याकांड की...