खौफजदा ललित नहीं जुटा सका बचाने की हिम्मत
बांदा, जून 12 -- बांदा। बदौसा थाना में जिस समय विवाद हो रहा था, उस समय शिवानी का पति (प्रेमी) ललित नजदीक ही मौजूद था। बताते हैं कि ललित को जैसे ही इस बात का भान हुआ कि शिवानी पर उसका पिता हमला करने जा रहा है, तो वह उठा, लेकिन सत्यराम के चेहरे का क्रोध भांपकर वह शांत हो गया। उसे लगा कि यदि वह बचाने जा रहा है तो पहले उस पर ही हमला हो जाएगा। ललित की मां भी थाने आई थी, पर पुलिस कर्मियों ने उसे अंदर नहीं घुसने दिया। यदि मां अंदर होती तो शायद ललित उसे बचाने की कोशिश करता या पुलिस कर्मियों को बुलाता। यह भी पढ़ें- बांदा में थाने के अंदर पिता ने बेटी को मार डाला, दलित प्रेमी से शादी पर युवती की छीन ली जिंदगी ललित को बाद में पुलिस ने उसकी मां की सुपुर्दगी में कर दिया। ललित के चेहरे पर पत्नी बन चुकी शिवानी को न बचाने का मलाल साफ दिखा।
हिंदी हिन्दुस...
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