फरीदाबाद, जून 10 -- फरीदाबाद, सरसमल। खोरी की तरह नेहरू कॉलोनी में भी वर्षों तक सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त होती रही और संबंधित विभाग तमाशबीन बने रहे। यहां करीब 150 एकड़ सरकारी भूमि पर बसी कॉलोनी में काफी जगज मकान, दुकान और फैक्ट्री शेड तक बेचे गए। अब तोड़फोड़ शुरू होने के बाद जमीन के मालिकाना हक और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। एफिडेविट पर चलता रहा जमीन का कारोबार यह भी पढ़ें- नेहरू कॉलोनी का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, अगली सुनवाई 16 जून को होगीस्थानीय लोगों की राय स्थानीय लोगों का कहना है कि नेहरू कॉलोनी में 30, 50 और 100 गज के प्लॉटों पर बने मकानों की खुलेआम खरीद-बिक्री होती रही। लोगों के पास जमीन की रजिस्ट्री नहीं, बल्कि एफिडेविट और अन्य दस्तावेज हैं। जमीन सरकारी होने के कारण विक्रेता मलबे या निर्माण सामग्री की खरीद-बिक्री दिखाकर स...