प्रयागराज, मार्च 26 -- प्रयागराज। कहा जाता है जाको राखो साईंयां मार सके न कोय..। यह बात सच बैठती है एसआरएन अस्पताल में भर्ती 26 वर्षीय घायल वशिष्ठ नारायण की। अस्पताल देखरेख कर रहे विकास कुमार ने बताया कि कोल्ड स्टोर के मलबे में से सबसे बाद में वशिष्ठ नारायण निकाले गए थे। कोल्ड स्टोर की छत गिर रही थी, तब मैं दीवार फांदकर भाग गया था। लेकिन लोगों ने बताया कि वशिष्ठ अब जीवित नहीं है। लेकिन घटना के चार घंटे बाद जेसीबी से जब बोरे हटाए गए तब उनकी सांस चल रही थी। अस्पताल में भर्ती वशिष्ठ नारायण की स्थिति अभी गंभीर बनी हुई है। उसके सिर, पैर और हाथ में टांके लगे हैं। बुधवार को वशिष्ठ को होश आया लेकिन बोलने में असमर्थ था।
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