हल्द्वानी, जुलाई 14 -- हल्द्वानी। तराई पूर्वी वन प्रभाग की टीम की ओर से शनिवार को बहेड़ी स्थित एक गोदाम से भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की गई। अब सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर इन पेड़ों को किस वन प्रभाग के जंगलों से काटा गया। वन विभाग मामले की गहन जांच में जुट गया है। जानकारों के अनुसार, खैर का एक पेड़ तैयार होने में करीब 50 साल का समय लगता है। एक अनुमान के मुताबिक, बहेड़ी से बरामद 380 से अधिक गिल्टे लगभग 35 से ज्यादा वयस्क पेड़ों के हैं। यह तराई के पर्यावरण के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। बहेड़ी में पकड़ी गई खेप को एक ट्रक और तीन पिकअप वाहनों में भरकर गौला रेंज परिसर लाया गया है, जहां लकड़ी को सुरक्षित रखवाकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है。 यह भी पढ़ें- Rampur News: टांडा में हरे-भरे पेड़ों पर चलाई आरी, जांच शुरूकटे पेड़ों से लकड़...