नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। भारत के लिए एशियाई खेलों में पदकों का अभियान सिर्फ निशानेबाजी और एथलेटिक्स में कम पदकों की वजह से कमजोर नहीं रहा। असली कमी उन मौकों को भुनाने में रही, जहां बड़े नामों से पदक की उम्मीद थी। कुछ दावेदार चोट के कारण बाहर हो गए, कुछ दबाव में चूक गए और कुछ मामूली अंतर से स्वर्ण की दौड़ में पिछड़ गए। नतीजा यह रहा कि हांगझोउ के रिकॉर्ड 106 पदकों के बाद भारत 21 पदक पीछे रह गया। भारत को सबसे बड़ा झटका भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा के चोटिल होने से लगा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर का खाली रहना भी चौंकाने वाला रहा। ज्योति याराजी ने घुटने में दर्द के कारण 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले नाम वापस ले लिया, जबकि घुटने की चोट से वापसी कर रहे अविनाश साबले स्टीपलचेज में चौथे स्थान पर ...