देवघर, मार्च 24 -- देवघर। झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में पहचान रखने वाला देवघर आज विकास के कई नए आयाम स्थापित कर रहा है। धार्मिक महत्व के साथ यह शहर अब औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते कुछ वर्षों में यहां एम्स, एयरपोर्ट, प्लास्टिक पार्क, अंतरराज्यीय बस अड्डा, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित अन्य कई बड़ी परियोजनाओं की स्थापना हुई है, जिससे शहर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है। लेकिन इस विकास के बीच एक महत्वपूर्ण क्षेत्र पूरी तरह उपेक्षित नजर आ रहा है-खेल और उससे जुड़ी बुनियादी सुविधाएं। देवघर में बच्चों के खेलने के लिए केकेएन स्टेडियम के रुप में एक मात्र स्टेडियम मौजूद है। जबकि मैदान की कमी के कारण बच्चे आर एल सर्राफ स्कूल और देवघर कॉलेज मैदान में भी खेलने को मजब...