मुजफ्फरपुर, जुलाई 18 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। बिहार में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की बातें तो लगातार हो रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि खेल विभाग खुद कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में 800 से अधिक पद वर्षों से खाली पड़े हैं। सबसे गंभीर स्थिति क्रीड़ा प्रशिक्षकों की है। विभाग में स्वीकृत 380 प्रशिक्षकों के पदों में से 379 पद रिक्त हैं। क्रीड़ा प्रशिक्षकों के अलावा खेल सेवा संवर्ग में स्वीकृत 44 पदों में 33 खाली हैं, जबकि खेल लिपिकीय सेवा के 80 पदों में 53 पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर खिलाड़ियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलना लगभग ठप हो गया है। यह भी पढ़ें- खेल विभाग में कर्मचारियों की भारी किल्लत, 800 से अधिक पद खालीकर्मचारियों की कमी जिला खेल अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि...