खेल मैदान तो हैं, संसाधनों और कोच की अखरती कमी
ललितपुर, मई 7 -- ललितपुर। अभ्यास और अवसर के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए जनपद के गांवों में तैयार खेल मैदान अपना उद्देश्य हल नहीं कर पा रहे हैं। उनको खेल सामग्री और कोच की कमी लगातार अखर रही है। इसी कारण वह जनपद के बाहर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दे पा रहे हैं। बुंदेलखंड स्थित अतिपिछड़े जनपद में खेल सुविधाओं का ढांचा बेहद कमजोर रहा है। कुछ वर्षों पहले तक को यहां खेल मैदानों और सुविधाओं का जबरदस्त टोटा था। जिस कारण खेल प्रतिभाओं को अभ्यास का मौका नहीं मिलता था और वह निखर नहीं पाती थी। सबसे अधिक गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के युवा प्रभावित होते रहे। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर वर्ष 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जनपद स्थित ग्रामीण इलाकों में खेल सुविधाएं विकसित कर...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.