नई दिल्ली, जून 8 -- नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में कई बार कहानियां रातों-रात नहीं बदलतीं, बल्कि उनके पीछे सालों की खामोश तपस्या और सही मौके का इंतजार छिपा होता है। राजस्थान के श्रीगंगानगर से निकले 23 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की दास्तान भी कुछ ऐसी ही है। उनके नेट गेंदबाज से टेस्ट मैच का नायक बनने का सफर दिलचस्प है। टीम इंडिया की 319वीं टेस्ट कैप पहनने वाले सुथार की यह कहानी गुजरात टाइटंस के पहले आईपीएल सीजन से शुरू होती है। तब कोरोना के चलते सख्त बायो-बबल लागू था। फ्रेंचाइजी को नेट गेंदबाजों की जरूरत थी जो पूरे टूर्नामेंट में टीम के साथ रह सकें। यह भी पढ़ें- खेल : भारत के टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत पहले राजस्थान के ही एक अन्य खिलाड़ी शुभम शर्मा को आना था, लेकिन कागजी देरी के चलते पूर्व भारतीय स्पिनर और गुजरात के सहायक कोच ...