रांची, नवम्बर 24 -- रांची। दिल्ली के वरिष्ठ खेल फिजियोथेरेपिस्ट डॉ मयंक पुष्कर ने कहा कि खेल के चाटों को दूर करने में ड्राई नीडलिंग, कपिंग या आईएएसटीएम विधियां बहुत ही कारगर होती हैं। इन विधियों के माध्यम से मरीज़ों की मांसपेशियों के चोटों और परेशानियों का निराकरण शीघ्र किया जा सकता है। डॉ मयंक रविवार को इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट, झारखंड शाखा के तत्वाधान में एक होटल में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपी की ड्राई नीडलिंग विधि में पतली सुइयों का उपयोग मांसपेशियों और ट्रिगर पॉइंट्स में दर्द और मांसपेशियों की ऐंठन को कम करने के लिए किया जाता है। इसमें सुइयां सीधे "मायोफेशियल ट्रिगर पॉइंट्स" नामक मांसपेशियों के तनाव वाले हिस्सों में डाली जाती हैं, जिससे दर्द से राहत मिलती है,...
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