खेल : जो गोपी नहीं कर पाए वो बेटी गायत्री ने कर दिखाया
नई दिल्ली, अगस्त 22 -- शोल्डर : त्रीसा-गायत्री की जोड़ी ने सेमीफाइनल में चैंपियन लियू-निंग को दी कड़ी टक्कर, महिला युगल जोड़ी की पराजय के साथ चैंपियनशिप में एक कांस्य पदक के साथ भारतीय अभियान खत्म हिन्दुस्तान ब्यूरो, नई दिल्ली। पुलेला गोपीचंद ने ऑल इंग्लैंड सहित कई प्रतिष्ठित पदक जीते। साथ ही देश को साइना, सिंधु, श्रीकांत और प्रणय जैसे नई पीढ़ी के खिलाड़ी भी दिए। पर अपने खेल जीवन में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक जीतने की हसरत कभी पूरी नहीं कर पाए। पर उनकी बिटिया गायत्री गोपीचंद ने शनिवार को विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतकर पिता के अधूरे सपने को भी पूरा कर दिया。
जोड़ीदार त्रीसा जॉली के साथ मिलकर उन्होंने भारतीय महिला युगल बैडमिंटन का नया अध्याय भी लिख दिया। खचाखच भरे इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में त्रीसा-गायत्री और 'जीतेगा भई जीतेगा इ...
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