नई दिल्ली, जून 14 -- हिन्दुस्तान विशेष राजीव शर्मा यह भी पढ़ें- खेल : एशिया चैंपियन आशीष के घर को पक्की छत का इंतजार नई दिल्ली। न खेती के लिए जमीन, न कमाई का कोई स्थायी जरिया। कभी दिहाड़ी मिली तो 300 रुपये, नहीं मिली तो खाली हाथ घर वापसी। इसी कमाई से सात लोगों का परिवार चलता है। ऊपर से टीन की छत वाला ऐसा घर, जो गर्मियों में तपता है और बरसात में टपकता है। यह कहानी किसी आम परिवार की नहीं, बल्कि भारत को हॉकी अंडर-18 एशिया कप जिताने वाले युवा चैंपियन आशीष तानी पूर्ति की है।आशीष का ऐतिहासिक पल झारखंड की राजधानी रांची से 51 किलोमीटर दूर गनालोया गांव के 16 वर्षीय आशीष ने जापान में इतिहास रचते हुए भारत की अंडर-18 टीम को दस साल बाद एशिया कप का चैंपियन बनाया। उनका यह पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। उन्होंने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ हैट्रि...