नई दिल्ली, जून 15 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के नगला तराई स्थित अपने निजी आवास के खेत में स्वयं टिलर चलाकर जुताई की और गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उनकी माता बिशना देवी भी मौजूद रहीं। खेत में श्रम करते हुए धामी ने किसानों के योगदान और कृषि परंपराओं के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक टिकाऊ और समृद्ध बनाया जा सकता है।प्राकृतिक खेती पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक हैं। उन्होंने ...