खेत बचाओ अभियान: मिट्टी संरक्षण और संतुलित पोषण अपनाकर बढ़ाएं उत्पादन
मैनपुरी, जून 6 -- लगातार रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित प्रयोग, फसल अवशेष जलाने तथा जैविक पदार्थों की कमी के कारण खेतों की मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है। इसके चलते उत्पादन लागत बढ़ रही है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं पैदावार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में किसानों को मिट्टी संरक्षण एवं संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने की आवश्यकता है। शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र पर आयोजित गोष्ठी में जागरूक किया गया। वैज्ञानिक डॉ. विकाश कुमार यादव (वैज्ञानिक, पादप संरक्षण) ने कहा कि खेत की मिट्टी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए किसान फसल अवशेषों को न जलाएं। जैविक खाद, गोबर की सड़ी खाद एवं वर्मी कम्पोस्ट का अधिक प्रयोग करें। यह भी पढ़ें- खेत बचाओ अभियान: मिट्टी संरक्षण और संतुलित पोषण अपनाकर बढ़ाएं उत्पादन उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.