चंदौली, फरवरी 24 -- चहनियां, हिन्दुस्तान संवाद। बाण गंगा ड्रेन झाड़-झंखाड़ से पट गया है। जिससे पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे गेहूं फसल की सिंचाई करने को लेकर किसान काफी परेशान हैं। ड्रेन झाड़-झंखाड से तो पटी ही है दूसरे इस ड्रेन में पानी भी समय से नहीं छोड़ा जाता है। जबकि इस ड्रेन से दर्जन भर ज्यादा गांवों के किसान खेती करते है। इस समय जब गेहूं के फसल की सिंचाई का मध्य समय है और झाड़ियों के बीच ड्रेन में पानी नदारद है। अगर समय से पानी नहीं छोड़ा गया तो फसल सूखने के कगार पर पहुंच जाएंगी। सिंचाई की समस्या को लेकर किसान काफी परेशान हैं। बाण गंगा ड्रेन भुसौला से शुरू होकर नदेसर, मुकुंदपुर, चकिया बिहारी मिश्र, तारगांव, कुरा, महमदपुर, सढ़ान, रामगढ़, रइया, बैराठ, रसूलपुर, नौदर, सुरतापुर, हिनौता, सूरतापुर, सराय, रसूलपुर, परासी, नौदर, रइया...
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