समस्तीपुर, अगस्त 13 -- ताजपुर, निसं। बदलते जलवायु में किसानों के खेतों में तेजी से पांव पसार रहा है गाजर घास। यह सड़क किनारे या किसानों के खेतों में बहुतायत मात्रा में देखी जाती है। किसानों की माने तो यह घास खेत से पानी को सोख लेता है और मिट्टी की उर्वरता को धीरे धीरे खत्म कर देता है। बताया जाता है कि यह अकाल के दौरान अमेरिका से गेहूं के साथ चला आया था। पहले रेल लाइन किनारे पाया जाता था। धीरे धीरे सभी जगहों में छा गया।

गाजर घास क्या है? सहायक तकनीकी प्रबंधक कृषि विशेषज्ञ मारूत नंदन शुक्ला बताते हैं कि गाजर घास को पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस भी कहते हैं। यह पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस एस्टेरसिया परिवार में फूल पौधे की एक प्रजाति है। यह अमेरिकी उष्णकटिबंधीय क्षेत्र का मूल निवासी है। सामान्य नामों में सांता-मारिया , सांता मारिया फीवरफ्यू , व्हाइटटॉप...