सहरसा, जनवरी 6 -- कहरा, एक संवाददाता। प्रखण्ड सहित सीमावर्ती क्षेत्र में किसान वनीय जीव सहित बन्दर के उपद्रव से परेशान है। इन वनीय जीवों के संख्या में नित्य अप्रत्याशित बृद्धि होने के कारण समस्या नित्य विकराल होता जा रहा है। इन पीड़ित किसानों के अनुसार इस वर्ष असमय आए चक्रवाती तूफान के कारण काफी दिनों तक खेतों में जल जमाव रहने के कारण खरीफ धान की अधिकतर फसल गिरकर बर्वाद हो गया। पूंजी का इंतजाम कर किसी तरह गेहूं की खेतिवाड़ी किया। लेकिन अब बन्दर का झुण्ड गेहूं की फसल को बर्वाद कर रहा है। वहीं नीलगाय की टोली किसानों द्वारा लगाए गए गोवी, टमाटर,आलु, बैगन एवं अन्य फसलों को रात के समय बर्वाद कर रहा है। पीड़ित कई किसान रात के समय रतजगा कर खेतों के रखवाली करने को विवश है। फिर भी इस ठंड के मौसम में किसानों को थोड़ा सा भी नींद आने पर मौका मिलते ही फसल ...
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