सिद्धार्थ, मई 2 -- सोहना,हिन्दुस्तान संवाद। तराई के आंगन में हुई हल्की बारिश को कृषि के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। सोहना कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार देहाती ने बताया कि इस बारिश से फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि खेतों में नमी बढ़ने से किसानों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद मिट्टी में पर्याप्त नमी आ गई है जो आगामी खेती की तैयारियों के लिए अनुकूल स्थिति पैदा करती है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वे खेतों की मिट्टी पलट हल से जुताई करें ताकि मिट्टी की संरचना बेहतर हो सके और उसमें मौजूद पोषक तत्वों का संतुलन बना रहे। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को हरी खाद के रूप में ढैंचा और सनई जैसी फसलों की बुवाई करने की सलाह दी है। बताया कि इन फसलों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्राकृतिक रूप से बढ़ती ह...