नई दिल्ली, जुलाई 30 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता पर्यावरण संगठन टॉक्सिक्स लिंक के एक नए अध्ययन में पाया गया है कि छह राज्यों के खेतों से सीधे एकत्र की गई कच्ची हल्दी में सीसे (लेड) की मात्रा भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की निर्धारित अधिकतम सीमा से काफी कम है। हालांकि अध्ययन के अनुसार बाजार में बिकने वाले हल्दी पाउडर में मिलने वाला अधिक सीसा संभवतः खेती के दौरान नहीं, बल्कि कटाई के बाद प्रसंस्करण, पैकेजिंग, हैंडलिंग या जानबूझकर की गई मिलावट के दौरान पहुंचता है। संस्थान द्वारा जारी जानकारी में कहा गया है कि 'लीड इन टर्मरिक' शीर्षक से जारी रिपोर्ट में महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के खेतों से लिए गए कच्ची हल्दी के 13 नमूनों की जांच की गई। एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में हुई जांच...