बक्सर, जनवरी 15 -- मकर संक्रांति के पर्व पर सिमट रही सदियों पुरानी परंपरा एवं रिवाज खेत-बधारों में अब नहीं सुनायी दे रही लोकगीतों व ठहाकों की गूंज फोटो संख्या- चक्की, एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के दियारा में गुरूवार को मकर संक्रांति के पर्व पर खेतों में साग खोटने व खाने की भीड़ नहीं दिखी। पहले दही-चूड़ा खाकर महिलाएं व पुरुष खेतों में निकल पड़ते थे। पर, सदियों पुरानी यह गंवई परंपरा अब दिख नहीं रही है। मकर संक्रांति का पर्व गावों में कभी सामूहिक उल्लास, आपसी प्रेम व सामाजिक सौहार्द का प्रतीक हुआ करता था। लेकिन, चक्की प्रखंड के दियारा क्षेत्र अंतर्गत जवहीं दियर, चक्की, अरक व चन्दा पंचायत के गांवों में यह पर्व अब केवल रस्म अदायगी तक ही सिमट कर रह गया है। एक समय ऐसा था जब मकर संक्रांति के दिन दही-चूड़ा खाने के बाद महिलाओं और युवतियों का झूंड...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.