पूर्णिया, अप्रैल 17 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया जिले में खेती-किसानी का स्वरूप पिछले 10 से 15 वर्षों में काफी बदल गया है। पहले जहां खेती पारंपरिक साधनों पर आधारित थी, वहीं अब आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत बीज, रासायनिक खाद, कीटनाशक और सिंचाई संसाधनों पर निर्भरता तेजी से बढ़ी है। इन साधनों के बढ़ने के साथ-साथ खेती की लागत भी कई गुना बढ़ गई है, जबकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य अब भी नहीं मिल पा रहा है। पूर्णिया के किसानों ने खेती को आधुनिक बनाने के लिए ट्रैक्टर, पंपसेट, थ्रेसर, हार्वेस्टर और हाइब्रिड बीज का इस्तेमाल बढ़ाया है। इससे उत्पादन क्षमता तो बढ़ी, लेकिन लागत पर भारी असर पड़ा है। यह भी पढ़ें- खेती पर बढ़ गयी लागत, उचित मूल्य पर आफत सबसे अधिक असर खाद और कीटनाशकों की कीमतों में बढ़ोतरी से पड़ा है। हाल के वर्षों में...
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