नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में 30 सितंबर को हुई खौफनाक वारदात से पूरी दुनिया हिल गई। कॉकपिट के अंदर को पायलट ने पायलट की जान लेने की कोशिश की और इसके बाद उसका प्लान विमान को क्रैश कराने का था। लेकिन इस योजना को कामयाब होने से बचाया विमान के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने। स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और 174 लोगों की जिंदगी बचा ली। हालांकि इस क्रम में उनकी जान लगभग जा ही चुकी थी। स्मित की जान विमान में मौजूद एक इजरायली डॉक्टर ने बचाई। अब उन्होंने इस घटना के खौफनाक पलों को याद किया है। स्मित मच्छार के लिए मसीहा बने 47 वर्षीय इजराइली डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव ने बताया कि विमान में कैप्टन स्मित ने लगभग 45 मिनट तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी। ...