खून-पसीने से बनाया घर छोड़ने को लाचार हैं परिवार
बलिया, जुलाई 30 -- रानीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। प्रकृति के भयंकर प्रकोप ने एक बार फिर हंसते-खेलते परिवारों को बेघर होने को विवश कर दिया है। गोपालनगर टांड़ी के लिए सरयू नदी अभिशाप साबित होने लगी है। स्थिति यह है कि महज 15 दिनों के भीतर एक दर्जन से अधिक रिहायशी मकान नदी की तेज धाराओं में विलीन हो चुके हैं। कई अन्य मकान ढहने की कगार पर हैं। प्राकृतिक आपदा के चलते घरों में रहने वाले लोग सब कुछ छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश को मजबूर हैं। अधिकांश परिवार रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। जिनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा, वे बांध पर शरण लेने को विवश हैं।गुरुवार को भी लोग अपने आशियानों को उजड़ते हुए देखने को विवश थे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर गृहस्थी का बचा-खुचा सामान लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते लोगों के चेहरे पर लाचारी साफ झलक रही थी। लक्खू या...
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