नई दिल्ली, जुलाई 9 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को प्रॉपर्टी डील्स में 'जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी' डॉक्यूमेंट्स के इस्तेमाल की सघन जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इस कदम का मकसद स्टाम्प ड्यूटी की चोरी रोकना और गलत तरीकों पर रोक लगाना है। नए निर्देशों के तहत, खून के रिश्तों के अलावा किसी और के पक्ष में बनाई गई हर 'पावर ऑफ अटॉर्नी' को रजिस्टर करने से पहले स्टाम्प कलेक्टर से जांच करवानी होगी।रेवेन्यू नुकसान को रोकना है मकसद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद अचल संपत्ति के रजिस्ट्रेशन में होने वाले रेवेन्यू के नुकसान को रोकना और लैंड माफिया तथा सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगाना है। सीएम ने कहा कि ऐसे मामलों का निपटारा 30 दिनों के भीतर किया जाना चाहिए, जिसमें स्टाम्प कलेक्टर यह तय करेगा कि डॉक्यूमेंट स...