वाराणसी, अक्टूबर 7 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। कैंसर की जांच अब त्वरित और कम पीड़ादायक होगी। विशेषज्ञों का दावा है कि सिर्फ ऊतक ही नहीं, बल्कि खून, लार और यूरीन सैंपल के परीक्षण से बीमारी का पता चल सकेगा। आईएमएस बीएचयू में मंगलवार से लिक्विड बायोप्सी तकनीक पर शुरू दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह भी पढ़ें- छात्रों को बताए लैब उपकरणों से ब्लड टेस्ट तक के गुरकार्यशाला के उद्देश्य सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनोज पांडेय ने कहा कि अभी तक फेफड़े की कैंसर जांच के लिए फ्लूयड का उपयोग किया जाता है। भविष्य में लार से मुंह, यूरिन से किडनी, प्रोस्टेट और ब्लाडर कैंसर का पता चल सकेगा। इससे दवाओं की प्रतिरोधी क्षमता का भी पता चलेगा। कहा कि ऊतक से कैंसर की जांच में मरीजों को बेहद कष्ट होता है। दूसरे, यह...