खुशी पाने की कोशिश में बढ़ता जा रहा खालीपन
प्रयागराज, सितम्बर 12 -- दुनिया में खुशी और वेलनेस के नाम पर करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर की इंडस्ट्री काम कर रही है। यह बाजार हर तीन साल में 20 से 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद लोगों में खालीपन और असंतोष बना हुआ है। खुशी किसी अंतिम मंजिल का नाम नहीं, बल्कि समस्याओं का सामना कर उन्हें सुलझाने की लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यह बात डॉ. मीनाक्षी शहरावत ने शनिवार को आईसीएसआई के प्रयागराज चैप्टर की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मेलन में कही। इसमें इविवि और उसके संबद्ध महाविद्यालयों, उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, शुआट्स, नेहरू ग्राम भारती, जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, यूनाइटेड यूनिवर्सिटी और वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय समेत विभिन्न संस्थानों के करीब 90 से 100 शिक्षक और प्राध्यापक शामिल हु...
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