रांची, मई 25 -- झारखंड हाइकोर्ट ने लैब असिस्टेंट प्रतियोगी परीक्षा (विज्ञापन संख्या 01/2023) में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने विज्ञापन की उस शर्त को रद्द कर दिया है, जिसमें स्नातक स्तर पर संबंधित विषयों को दो या तीन साल तक पढ़ने की अनिवार्यता रखी गयी थी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन की शर्तें वैधानिक नियमों से ऊपर नहीं हो सकतीं। अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया झारखंड गवर्नमेंट स्कूल्स टीचर एंड नॉन-टीचिंग स्टाफ अपॉइंटमेंट एंड सर्विस कंडीशंस रूल्स, 2012 (संशोधित 2022-23) के तहत संचालित होती है। इन वैधानिक नियमों में कहीं भी संबंधित विषयों को दो या तीन साल पढ़ने की बाध्यता नहीं है। अदालत ने डॉ (मेजर) मीता सहाय बनाम बिहार राज्य के मामले का हवाला देते हुए कहा कि विज्ञापन की शर्तें...