फतेहपुर, जून 20 -- खुद अभावों में जिए, समाज के ताने सहे, खेत बेचे और मजदूरी तक की, लेकिन बच्चों की शिक्षा की लौ को कभी बुझने नहीं दिया। जिले के इन संघर्षशील पिताओं ने अपनी खुशियां गिरवी रखकर बच्चों को देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचाया है। आज जब बच्चे कामयाबी के शिखर पर हैं तो इन पिताओं की आंखों में गर्व के आंसू हैं। पेश है संघर्ष और सफलता की कुछ अनकही दास्तानें... खखरेरु। धाता ब्लाक के घरवासीपुर गांव के किसान फूल सिंह अपने बेटे की पढ़ाई के लिए ग्लास फैक्ट्री में मजदूरी तक करने से पीछे नहीं हटे। खुद को तपा कर बेटे की शिक्षा को अनवरत जारी रखा। यह भी पढ़ें- खेत में हाड़तोड़ मेहनत कर बेटे का बनाया एसडीएम बेटा अतुल बीटेक करने के बाद पहले ही प्रयास में आईईएस बनने का गौरव प्राप्त कर लिया। फूल सिंह ने बताया कि शुरू से ही परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी...