लखनऊ, अप्रैल 28 -- खुद के पास लर्निंग लाइसेंस और कार चलाना सिखा रहे थे दूसरों को। एआरटीओ प्रवर्तन ने जब जांच की तब यह खुलासा हुआ। सिखाने के लिए इस्तेमाल की जा रही कार निजी थी, उसका फिटनेस, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र भी नहीं था। जिस मोटर ट्रेनिंग स्कूल के नाम पर ड्राइविंग सिखाई जा रही थी, वह भी फर्जी था। एआरटीओ ने मड़ियांव थाने में कार स्वामी और चालक के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए तहरीर दे दी है। रविवार को भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव मंगलवार को आईआईएम रोड पर यादव चौराहा के पास सिद्धि विनायक मोटर ट्रेनिंग स्कूल का बोर्ड लगा कर कार चलाना सिखा रही एक कार को रोका। यह भी पढ़ें- दनादन चेकिंग पर न सुधरे वाहन चालक, जुर्माने के आंकड़े चौंकाने वाले एआरटीओ के अनुसार जांच में पता चला कि कार चलाना स...