नई दिल्ली, मार्च 26 -- मध्य पूर्व में जारी जंग के बीच दुनिया के परमाणु विशेषज्ञों ने इजरायल और ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को लेकर अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों पर गंभीर चिंता जताई है। इजरायल का घोषित लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। लेकिन खुद इजरायल के पास दशकों से 80 से 90 परमाणु हथियारों का एक विशाल जखीरा मौजूद है। विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायल ने अपनी इस क्षमता को हमेशा गोपनीय रखा और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षणों (आईएईए) से भी बचता रहा। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दशकों से अंतरराष्ट्रीय पाबंदियां लगी हैं। जबकि उसके पास फिलहाल कोई क्रियाशील परमाणु बम नहीं है।कोई देश नहीं बोलता यह दुनिया की राजनीति में एक ऐसा सच है जिसे सब जानते हैं लेकिन कोई बोलता नहीं। दावा किया जाता है कि इजरायल ने 1950 के दशक में इसे विकसित करना ...
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