खुद के अच्छे और दूसरो के किए खराब कार्यों को भूल जाओ
कानपुर, जुलाई 23 -- कानपुर। ईश्वर प्रेम मिशन की ओर से गुरु पूर्णिमा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन ईश्वर प्रेम आश्रम से कथा व्यास संत प्रतिमा प्रेम जी ने सृष्टि की रचना के बारे में बताया। कहा, निराकार परमात्मा ने श्रष्टि की रचना के लिए नारायण की नाभि से दिव्य कमल पर आसीन श्रष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी उत्पन्न हुए और श्रष्टि को विस्तार देने के लिए भगवान शिव और विष्णु के सहयोग से सत्य, रज, तमोगुण की सहायता से जीव की रचना की। सबसे पहले मन मानस पुत्रों सनक, सनातन सनन्दन, सनतकुमार को उत्पन्न किया। संसार को आगे बढ़ाने के लिए ब्रह्मा जी ने अपने शरीर को दो भागों में विभाजित कर पुरुष के रूप में मनु और स्त्री के रूप में शतरुपा को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम क्षणों में सबकुछ भूल कर केवल राम नाम स्मरण करना चाहिए। इसलिए खुद के अ...
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