नई दिल्ली, जुलाई 16 -- एक याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट रूम में अपशब्द बोलने और अपनी केस फाइल फेंकने के कुछ दिनों बाद, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि खुद केस लड़ने वाले लोगों को वर्चुअल तरीके से पेश होने के लिए कहा जाएगा और अगर वे शरीरिक रूप से (आमने-सामने) पेश होने पर जोर देते हैं, तो कार्यवाही का लाइव प्रसारण नहीं किया जाएगा। यह फैसला गुरुवार को हुई 'फुल कोर्ट' की बैठक में लिया गया। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए, जिनमें पुराने लंबित मामलों का निपटारा भी शामिल है। बैठक में तय किया गया कि खुद पेश होने वाले लोगों को वर्चुअल रूप से पेश होने का विकल्प दिया जाएगा। हालांकि, अगर वे केवल शारीरिक रूप से पेश होने पर जोर देते हैं तो उन्हें अनुमति तो दी जाएगी, लेकिन इस शर्त के साथ कि...