रांची, अगस्त 29 -- रांची। झारखंड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें रोजगार देने की दिशा में सुस्ती खेल और खिलाड़ियों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। खेल नीति में खिलाड़ियों के लिए 2 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन अब तक इस नीति का लाभ झारखंड के खिलाड़ियों को नहीं मिल पाया है। हालांकि, सीधी नियुक्ति के तहत सीमित संख्या में खिलाड़ियों को नौकरी दी गई है। झारखंड के खिलाड़ियों की आस सरकार से है कि उन्हें रोजगार मुहैया कराए। यह राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती की तरह है। नौकरी नहीं मिलने से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों का पलायन बदस्तूर जारी है। बीते दो वर्षों में आधा दर्जन से अधिक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी झारखंड छोड़ चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय एथलीट सपना कुमारी, राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी प्रियंका केरकेट्टा, तैराक राणा प्रताप...
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