नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बढ़ते व्यावसायीकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य खेल गतिविधियां और खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण देना ही होना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि सीमित स्तर तक व्यावसायीकरण स्वीकार्य है, लेकिन इससे खेल प्रभावित नहीं होने चाहिए। न्यायमूर्ति जस्मीत सिंह की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को परिसर में हो रही व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में बड़े पैमाने पर ठेके देकर व्यावसायीकरण बढ़ाया गया है और समय सीमा रात 8 बजे से बढ़ाकर 1 बजे तक कर दी गई है।पीठ ने डीडीए से पार्किंग और बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाए। ...