लखनऊ, जनवरी 6 -- अब स्तन कैंसर का शुरुआती अवस्था में पता लगाना और भी सरल होगा। गांठ की आशंका जानने के लिए बहुत बड़ी जांच कराने की भी जरूरत नहीं होगी। यदि स्तन में कोई गांठ पनप रही है? गांठ कब से है? उसकी प्रकृति क्या है? इसका भी अनुमान लगाया जा सकेगा। यह मुमकिन होगा खास तरह की डिवाइस से। महिलाएं इस डिवाइस को अंडरगारमेंट के साथ पहनेंगी। डिवाइस मोबाइल ऐप से जुड़ा होगा। कुछ ही समय में गांठ से जुड़ी पूरी रिपोर्ट मोबाइल ऐप पर होगी। विशेषज्ञ की सलाह पर आगे का इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी। डिवाइस का पेटेंट हो गया है। केजीएमयू और कानपुर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी कानपुर) का संयुक्त रूप से बायोडिजाइन कार्यक्रम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिजाइन-सिनर्जाइजिंग हेल्थकेयर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एसआईबी शाइन) चल रहा है। इसके तहत केजीएमयू के ए...