नई दिल्ली, अगस्त 21 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठनों ने भर्ती रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। खुफिया एजेंसियों की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यह समूह अब ऐसे युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहा है, जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और जो सामान्य सामाजिक जीवन जी रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के अनुसार ऐसे युवाओं को सोशल मीडिया के जरिये जोड़ने का प्रयास हो रहा है।

भर्ती में बदलाव एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव सुरक्षा तंत्र के लिए नई चुनौती पैदा कर रहा है, क्योंकि ऐसे लोगों पर शुरुआती स्तर पर संदेह करना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि पहले आतंकी और आपराधिक नेटवर्क भर्ती के लिए ऐसे लोगों पर अधिक निर्भर रहते थे, जिनका पहले से अपराध की दुनिया से संपर्क रहा हो,...