किशनी (मैनपुरी), मार्च 28 -- युद्ध की विभीषिका कितनी डरावनी होती है, इसका अहसास यूपी के मैनपुरी के किशनी निवासी अवधेश कुमार के परिवार से बेहतर कोई नहीं समझ सकता। उनकी 21 वर्षीय बेटी अंजलि आर्य, जो सिंगापुर की एक प्रतिष्ठित शिपिंग कंपनी में मैरीन इंजीनियर है, इस समय युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे एक एलपीजी लाने गए शिप पर तैनात है। अंजलि ने जब चार दिन बाद अपने माता-पिता से संपर्क किया, तो उसकी बातों में साहस और डर का मिला-जुला अहसास था। उसने बताया कि जहाज पर राशन की तो कमी नहीं है, लेकिन आंखों के सामने गिरती मिसाइलें रूह कंपा देने वाली हैं।आंखों के सामने उड़ाया गया पास वाला शिप अंजलि ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए बताया कि वह जिस ओमान की खाड़ी में फंसी हुई है, वहां स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण है। उसने बताया, "मां, मैं ठीक हूं। जहाज पर एक महीने का राशन ह...
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